Gold या Fixed Deposit:- निवेश के लिए कौनसा विकल्प सही है?

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GoldVsFD

Gold Investment या Fixed Deposit:-हमने नए साल का स्वागत किया और बीते हुए साल से बहुत कुछ सीखा । हमे मानव इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक Wuhan-Virus जैसी चीज़ भी देखि।

लेकिन जो सबसे बड़ी सिख हमने सीखी वह थी की बुरे वक़्त में बचाएँ हुए पैसे ही काम आते है।  इसलिए हमे हमेशा ही अपने पैसों को बचाना और सही जगह में निवेश करना चाहिए।  

परन्तु बोलना जितना आसान है, निवेश के लिए सही विकल्प चुनना उतना ही कठिन। एक भारतीय हर चीज़ बहुत ही सोच-समझकर चुनता है। आज हर व्यक्ति के सामने निवेश के बहुत से विकल्प है, और रही-सही कसर विज्ञापन  पूरी कर देते है, जिससे सही क्या है गलत समझना मुश्किल हो जाता है।  

आज के समय में सबसे सुरक्षित और ऐसा विकल्प जो आपके निवेशित पुँजी को सुरक्षित तो रखता ही है साथ-साथ उसे एक निश्चित दर से बढ़ाता हैं।  

हम बात कर रहे है, Gold और Fixed Deposit की।  यह दोनों ही विकल्प आपको बाजार के जोखिम और Savings Account के कम ब्याज दरों के सामने एक अच्छाऔर सुरक्षित निवेश का विकल्प प्रदान करता है।  

आइये इन दोनों विकल्पों के बारे में तुलना करते है और जानते है किस्मे निवेश करना किसमे निवेश करना आपके लिए ज्यादा फयदेमंद रहेगा

Gold Investment : सोने में निवेश:-

हमारे भारतीय समाज में सोने को एक विशेष स्थान प्राप्त है। साल में ऐसे कई विशेष मौके आते है जैसे अक्षय तृतीया, धनतेरस, दिवाली, जब सोना खरीदना निवेश का एक विकल्प मात्र न रहकर उत्सव बन जाता है। 

इसी दिन का इंतज़ार करते हुए कई नागरिक पुरे साल इंतज़ार करते है सोने में निवेश करने का या यूँ कहे की कई भारतीय पुरे साल का सोना इसी दिन खरीदना पसंद करते है।  

संस्कृति और परंपरा की बात अगर न भी करे तो भी सोने में निवेश करना बहुत ही अच्छा माना जाता है। 

कई दिग्गज निवेशक सोने में निवेश करने की राय आवश्य देते है, उनके अनुसार सोने में निवेश करने से आप बाजार की उथल-पुथल से अपने निवेशित Portfolio को स्थिरता प्रदान करते है।    

इसलिए हर व्यक्ति को अपने Portfolio का 10-15% सोने में या सोने में निवेश के अलग-अलग विकल्प जो आज बाजार में उपलब्ध हैं जैसे Gold Bond, Digital Gold, Gold ETF इत्यादि में  निवेशित रहना चाहिए।  

आज के समय में जो सोने में निवेश करने को सबसे ज्यादा आकर्षक बनता है, वो है Liquidity 

आज का समय अनिश्चिताओं का समय है और Wuhan-Virus ने इस चीज़ को बहुत ही अच्छी तरह से समझाया है। 

इसलिए आज का युवा ऐसे विकल्पों की तलाश में रहता है जहा वह जब चाहे आसानी से आपने पैसे निकल सके और बुरे समय में अपनी जरूरते पूरी कर सके।

 और हम सब जानते है बुरे समय में हम अपने पास रखे सोने के सिक्कें, आभूषण एवं बिस्कुट को जब चाहे सोनार के पास गिरवी अथवा बेचकर तुरन्त ही अपनी आवश्यकता पूरी कर सकते है।  

आज के बदलते दौर में बैंक और अन्य कई संस्थान सोने के बदले कम ब्याज दरों में रीढ़ उपलब्ध कराते है। जिससे सोने में निवेश करना आसान और आकर्षक हो गया है।

Investment in Fixed Deposit:-

Fixed Deposit(FD) एक ऐसा वित्तीय साधन है जो हमे एक पूर्व निर्धरित समय के अंतर्गत एक निश्चित ब्याज दरों से आपके द्वारा निवेशित पैसों को संभल के रखता है। 

इसमें निवेशित पैसे बाज़ार जोखिम के अंतर्गत नहीं आते इसलिए यह बहुत ही सुरक्षित विकल्प है पैसो को निवेश करने हेतु।  

यह उन निवेशकों की पहली पसंद है जो जोखिम काम उठाना चाहते है और आपने Savings Account के ब्याज से कुछ ही अधिक ब्याज़ की अपेक्शा रखते है।  

यह हम किसी भी बैंक, सरकारी संसथान, स्व साहयता समूह या गैर-सरकारी संस्थानों में जाकर खुलवा सकते है।

Gold या Fixed Deposit :- एक तुलनात्मक विश्लेषण

निवेश के जोख़िम : Risk Involvement :-

जैसे की हमने पहले भी बताया हैं की FD और Gold Investment दोनों ही निवेश के मामले में कम जोख़िम रखते हैं। 

इसमें एक बात ध्यान रखने वाली जरूर है की निकट भविष्य में सोने के दामों में थोड़ी बहुत उथल-पुथल हो सकती है लेकिन लम्बे समय तक निवेशित होने से यह आपको अच्छा मुनाफा ही प्रदान करेगी।  

जहाँ तक बात है FD(Fixed Deposit) की तो यह पूर्व आधारित ब्याज दर की जमानत देता है। और यह किसी भी अन्य कारको जैसे बाजार में उतार-चढ़ाव से पूर्णतः अछूता।

Rate of Return: प्रतिफल दर:-

 प्रतिफल दर की बात करे तो सोने में निवेश करना आपको ज्यादा मुनाफा देगा बशर्ते आप इसमें लम्बे समय तक निवेशित रहे।  

एक बहुप्रचलित अख़बार में छपी एक रिपोर्ट अनुसार पिछले पांच वर्षों से हर धनतेरस पर सोना खरीदने वाले निवेशकों ने 10 और 15 साल की अवधि में 17.9% सीएजीआर रिटर्न कमाया है, निवेशकों ने क्रमशः 10.7% और 11.9% रिटर्न अर्जित किया है। 

पिछले पांच वर्षों में उच्च रिटर्न को पिछले वर्ष की तुलना में सोने की कीमतों में वृद्धि के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। पिछले धनतेरस के दिन सोने की कीमतों में 34% की बढ़ोतरी हुई है।

वही बात करें Fixed-Deposit की तो उसकी अच्छी बात यह हैं की इसके ब्याज पूर्वनिर्धारित होता है जिससे की निवेशक के सामने तस्वीर साफ़-साफ़ रहती है।  

Liquidity Or या कितनी जल्दी उसे बेचकर पैसा लाया जा सकता है:-

इस पैमाने में गोल्ड में निवेश करना ज्यादा सही मन जाता है, क्युकी हम सोने को बेचकर या उसे गिरवी रखकर तत्काल पैसो को पा सकते है।  

लेकिन हमे ये बात ध्यान में रखनी चाहिए की सोने का भाव बाजार के आधीन होता है यानि बाजार में जो सोने का भाव उस वक़्त का होगा उसी की कीमत आपको मिलेगी चाहे फिर वो कीमत आपके ख़रीद से निचे ही क्यों न हो।  

इसलिए सोने में निवेश करते वक़्त हमेश लम्बी अवधि का ही इरादा रखें वर्ण जल्दी के चक्कर में नुकसान हो सकता है।  आजकल सोने में निवेश के जो नए-नए तरीके सामने आये है उससे इसमें निवेश करना और भी आकर्षक हो गया है. 

बात करे FD की तो इसे भी हम अपनी तय अवधि से पहले भी निकल सकते है परन्तु ऐसा करने पर बैंक या जिस जगह से आपने अपना FD करवाया है वह कुछ शुल्क लगा सकता है और आपके पैसों की ताक़त काम कर सकता है।  

इसलिए जब भी निवेश करे तो लम्बी अवधि को ही ध्यान में रखें।  

Loan Against Investment : निवेश के खिलाफ ऋण

सोने और एफडी के मुकाबले मूल्य का लगभग 80% ऋण प्राप्त कर सकते हैं।

आप आसानी से अपने संबंधित सावधि जमा और बैंकों, एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों), और कई अन्य वित्तीय संस्थानों से प्रतिस्पर्धात्मक ब्याज दरों पर ऋण का लाभ उठा सकते हैं, जो आमतौर पर व्यक्तिगत ऋणों पर लगाए गए ब्याज दरों से कम होते हैं।

इस वर्ष लॉकडाउन के कारण, सोने के मूल्य में भारी वृद्धि हुई और RBI ने भी LTV या ऋण को मूल्य अनुपात में 90% तक बढ़ा दिया। 

इसलिए 1 लाख रुपये का सोना जो आपको पहले 60,000-75,000 रुपये का ऋण प्रदान करता है, अब आपको 90,000 रुपये का ऋण मिलेगा।

जोखिमगोल्ड और एफडी दोनों ही कम जोखिम वाले निवेश हैं।
बाजार की प्रकृतिहालांकि सोने की कीमत प्रकृति में थोड़ी अस्थिर है क्योंकि यह मैक्रोइकॉनॉमिक कारकों पर निर्भर करता है, एफडी शून्य आय वाले अस्थिरता वाले निश्चित आय वाले साधन हैं। हालांकि, सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण भी अधिक रिटर्न मिल सकता है और इसने हमेशा लंबे समय तक अपना मूल्य बनाए रखा है।
निवेश से फ़ायदापिछले 30 वर्षों में गोल्ड ने 9.8% का सीएजीआर प्रदान किया है। दूसरी ओर, एफडी ने लगभग 8% का सीएजीआर प्रदान किया है।
जल्द से जल्द नगद मिलने में सहूलियतचयनित अवधि के आधार पर FD लचीली हो सकती हैं। गोल्ड ईटीएफ जैसे सोने के निवेश के अन्य रूपों की शुरुआत के साथ, सोने के निवेश ने लचीलेपन में भी काफी वृद्धि की है। दोनों में से किसी को भी तरल करने का समय संस्थान और छुटकारे की प्रकृति पर निर्भर करेगा।
आये का श्रोतसोने के निवेश को आय उत्पन्न करने के लिए डिज़ाइन नहीं किया गया है। सोना एक संपत्ति है और आपको समय के साथ धन पैदा करने में मदद कर सकता है और मुख्य रूप से अस्थिरता के खिलाफ बचाव का काम करता है। हालांकि, एफडी के मामले में, यदि आप आवधिक भुगतान चुनते हैं, और मासिक आवृत्ति का चयन करते हैं, तो आप मासिक रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं
कर की दरेंगोल्ड से मिलने वाले रिटर्न को ‘कैपिटल गेन्स’ के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा और इंडेक्सेशन से किसी को फायदा हो सकता है। हालांकि, एफडी से मिलने वाले ब्याज पर आयकर की मौजूदा स्लैब दरों पर कर लगता है।

Conclusion:-

एफडी और गोल्ड दोनों निवेश कम जोखिम वाले होते हैं और लंबी अवधि में एक अच्छा कोष बनाने में आपकी मदद कर सकते हैं। संक्षेप में, यदि आप गोल्ड में लंबी अवधि के निवेश की तलाश कर रहे हैं, तो आप उच्च रिटर्न के साथ-साथ टैक्स पर भी बचत कर सकते हैं; कभी-कभी बाजार की अस्थिरता का एक सा उल्लेख करने के लिए नहीं। दूसरी ओर, एफडी आपको तुलनात्मक रूप से कम लेकिन गारंटीड रिटर्न दे सकते हैं और बाजार के उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं होते हैं। हालाँकि, उपरोक्त कारकों पर विचार करने के बाद, आप उचित परिश्रम का संचालन कर सकते हैं और अपनी जोखिम भूख और वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार इस दिवाली निवेश कर सकते हैं।

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