Interesting facts about Subhas Chandra Bose : सुभाष चंद्र बोस जी से जुड़ी अनसुनी अनकही बातें

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23 January को हमारा देश की मिट्टी से जन्मे एक महान क्रांतिकारी सुभाष चंद्र बोस जन्म हुआ था।  वर्ष 2021 में सुभाष चंद्र बोस जी के 124th (Subhash Chandra Bose Birthday) जन्म दिवस मनाएंगे।

 आइए जानते है उस महँ व्यक्ति  अनकही अनसुनी बात्तें (Interesting Facts about Subash Chandra Bose)।  Subhas Chandra Bose Birthday : सुभाष चंद्र बोस जी का जन्मदिवस :-

Subhash Chandra Bose का जन्म 23 January 1897 को ओड़िसा में  हुआ था।स्कूल और विश्वविद्यालय में अपने पूरे अध्ययन में शीर्ष रैंक हासिल की. 

Subhas Chandra Bose Education : सुभाष चंद्र बोस जी की शिक्षा :-

उन्होंने 1918 में प्रथम श्रेणी के स्कोर के साथ दर्शनशास्त्र में B.A पूरा किया। उन्होंने 1920 में इंग्लैंड में भारतीय सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की। 

बाद में, उन्होंने स्वतंत्रता के लिए भारत के संघर्ष के बारे में सुनकर, 23 अप्रैल, 1921 को अपनी सिविल सेवा नौकरी से इस्तीफा दे दिया।

Subhas Chandra Bose Political carrier  : सुभाष चंद्र बोस जी का राजनैतिक सफ़र :- 

सुभास चंद्र बोस जी 1920 और 1930 के दशक के उत्तरार्ध में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के युवा, कट्टरपंथी, विंग के नेता थे, 1938 और 1939 में कांग्रेस अध्यक्ष बनने के लिए उठे। 

1939 में मोहन करमचंद गांधी के साथ मतभेदों के कारण उन्हें कांग्रेस के नेतृत्व के पदों से हटा दिया गया। और कांग्रेस आलाकमान ने कांग्रेस की विदेश और आंतरिक नीतियों पर खुलकर हमला किया।

Subhas Chandra Bose thinking about freedom : सुभाष चंद्र बोस जी की आज़ादी को लेकर सोच :-

सुभाष चंद्र बोस भले ही कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके थे लेकिन उनकी सोच गांधजी की विचार धरा से एकदम अलग थी और इसी वजह से उन्होंने गांधीजी से मतभेद होने की वजह से अपने पद का त्याग़ कर दिया था।

 उनका मानना था की गांधीजी के अहिंसा के तरीके से आज़ादी मिलना नामुमकिन है।  अपनी इसी सोच की वजह से ब्रिटिश सर्कार ने उन्हें 1921-1941 तक 11 बार गिरफ़्तार किया गया।  

Subhas Chandra Bose’s INA(Indian National Army) : सुभाष चंद्र बोस का आई.एन.ए(आज़ाद हिन्द फ़ौज) :-

द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत में, उन्होंने सोवियत संघ, नाजी जर्मनी और इंपीरियल जापान सहित कई देशों की यात्रा की थी, ताकि प्रत्येक के साथ गठबंधन की तलाश की जा सके और भारत में ब्रिटिश सरकार पर हमला किया जा सके।

 बाद में, उन्होंने इंपीरियल जापानी सहायता के साथ फिर से संगठित किया और ब्रिटिश मलाया, सिंगापुर और दक्षिण पूर्व एशिया के अन्य हिस्सों से ब्रिटिश कैदियों के खिलाफ भारतीय कैदियों के युद्ध और वृक्षारोपण श्रमिकों के साथ गठित आजाद हिंद फौज या भारतीय राष्ट्रीय सेना (आईएनए) का नेतृत्व किया।

When Was Indian National Army Founded:- August 1942, South East Asia

1st Head of Indian National Army’s:- आज़ाद हिन्द फ़ौज के पहले अध्यक्ष मोहन सिंह थे।  

When was Subhas Chandra Bose take’s over Indian National Army:-  Subhas Chandra Bose (1943-1945)

सुभाष चंद्र बोसे जी की प्रेरणा का श्रोत:- 

सुभाष चंद्र बोस का मानना ​​था कि भगवत गीता उनके लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत थी। स्वामी विवेकानंद की सार्वभौमिक भाईचारे, उनके राष्ट्रवादी विचारों और सामाजिक सेवा और सुधार पर उनके जोर ने उन्हें एक दृष्टि दी है।

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Subhas Chandra Bose’s Famous Slogan ‘Jai Hind’:-

‘जय हिन्द‘ सुभाष चंद्र बोस द्वारा दिया गया सबसे मशहूर और गौरवान्वित करने वाला नारा पुरे देश को दिया। 

‘जय हिन्द’ का नारा आबिद हसन ने दिया था। यह नारा सुभाष चंद्र बोस ने अपनी आज़ाद हिन्द फ़ौज को दिया था। 

Indian National Army’s Radio Station : आज़ाद हिन्द फ़ौज की रेडियो स्टेशन :-

नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी ने जर्मनी में आज़ाद हिन्द फ़ौज का Radio Station की स्थापना की थीं।

सुभाष चंद्र बोस जी की मृत्यु का राज़ : Subhash Chandra Bose’s Death Mystery:-

सुभाष चंद्र बोसे जी की मृत्यु दुनिया के लिए आज भी एक रहस्य बानी हुई है।  नेताजी की मृत्यु की बात की जाए तो उनकी मृत्यु ‘3rd Degree’ जलने से हुई थी।  

उनके जलने कहानी  प्रकार है, जब उनका विमान जब जापान से उड़ा जो की जरुरत से ज्यादा भरा हुआ था वह taiwan के पास जाकर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था।  

इसके बाद उनके समर्थकों ने इस बात को पूरी तरह झुठला दिया और इसके बाद से ही अनेक ‘Conspiracy Theory’ शुरू की , जो आज  रही थी।   

Conclusion:- 

नेताजी की मृत्यु कब हुई ये जानने की जरुरत नहीं है हमे।  नेताजी ने जो सन्देश हमे अपने जीवन से दिया है, उससे हमारे ज़हन में हमेश ज़िंदा रहेंगे।  उनका जीवन हमे  की हमे अपनी मातृभूमि की सेवा में आपने जीवन बिता देना चाहिए।  

परिस्तिथिया कितनी भी कठिन हो कभी भी हार नहीं मन्ना चाहिए।  ऐसे महँ इंसान को हमारी तरफ से प्रणाम। 

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